संदेश

"परमेश्वर"

आज परमेश्वर ने ; रोज से कुछ ज्यादा ही ; पी रखी थी कच्ची ; अपने ही नशे में चूर ; मरगिल्ला सा ; डेड़ पसली बदन ; लहरा रहा था ; सड़क पे ; खट् खट् खट् ; किवाड़ खुले ; बच्चे को कैंया टाँगे ; सुलाने ...

"बूढ़े का पाइप"

उस बूढ़े के हाथ में रखा ; एक पाइप का टुकड़ा ; मुझे खींचता था उसकी ओर ; उकड़ू बैठा वो कभी ; कुरेदता था जमीन को पाइप से ; कभी आँखों में ; दूरबीन सा लगा लेता था ; गोपन की तरह घुमाता था ; बेटा ...

"तू और मैं"

लब जो कह नहीं सकते ; ख़ामोशी कह जाती है ; तेरी ख़ामोशी की हर एक बात ; हमें समझ आ जाती है ; तेरे इसी अंदाज ने तो ; दीवाना कर दिया है ; तुझे शमा और मुझे ; परवाना कर दिया है ; शमा तो रोशन है ; पर...

"सुनो अम्मा"

अम्मा सुनती हो ; क्यों हर टाइम ; बेटे के सपने बुनती हो ; मुझे मालूम है ; तुम बाबूजी की ; बहुत सुनती हो ; खेला था तुम दोनों ने ; एक जुऐ का खेल ; बेटा हुआ तो पास ; बेटी हुई तो फेल ; पर मैं क्यों ...

"जिहाद"

राधा संग बंसुरी बजाता ; खुसरो का वो किसना जिहाद ; दुश्मनों के सीने पे तनती ; कलाम चचा की मिसाइल भी जिहाद ; शहादत हुई वतनपरस्ती में ; अब्दुल हमीद का मरना जिहाद ; ज़ज्बा आज़ादी का द...

"गोश्त"

गोश्त ; मुर्गे का ; भैंसे का ; बकरे का ; तीतर बटेर ; खरगोश बगुले ; का भी ; महंगे पकवान ; लपलपाती जुबान ; टपकाओ लार ; पहुँचो बाज़ार ; जेब खाली हो तो ; देखना भी मत ; गोश्त की ओर ; लेकिन ; गर्म गोश...

रिश्तों का मवाद

चित्र
चरमराती चारपाई पर ; दमकती साँसों के बीच ; पसीने की भभकन ; वहाँ ना कोई अहं ; ना ही कोई शरम ; नग्नता भरा सच ; प्रोफेसनल सिसकारियों के ; क्षणिक आनंद की प्राप्ति ; संतुष्टि एक रात की ; जो सुबह ना कही जा सके ; कुछ ऐसी बात की ; उठना और फिर ; झटके से मुँह फेर लेना ; लाख दरजे बेहतर है यह ; आला रिश्तों की चाशनी में लिपटी ; अनबूझ आकांक्षाओं से ; अगर डूबना चाहोगे ; शांति की तलाश में ; मिलेगा सिर्फ अवसाद ; साफ करते करते थक जाओगे ; इन पाकीजा रिश्तों का मवाद ;