_दक्षता_ [POETRY]

वो स्त्री ही है ;
जो भाँप लेती है ;
पुरुष के हर एक ;
विचार को ;

मानसिकता को ;
प्रतिक्रिया को ;
इरादों को ;
नेत्रों की भाषा ;
पढ़ लेती है वो ;
बड़ी ही दक्षता के साथ ;
आलिंगन की तीव्रता ;
करा देती है उसे ;
संपूर्ण सुरक्षा का एहसास ;
कँटीला चुँबन देता है ;
उसे सच्चे प्रेम का बोध ;
प्रेम सागर में अनवरत् ;
गोते लगाते हुये ;
उसे पुरुष की संपूर्णता का ;
विश्वास हो जाता है ;
स्त्री की हर एक इच्छा का सम्मान ;
उसके विचारों की स्वीकार्यता ;
उसे सर्वश्रेष्ठ होने का ;
आभास कराती है ;
स्त्री को अपनी इस दक्षता का ;
गर्व होता है ;
पुरुष भी मन ही मन ;
मंद-मंद मुस्कुराते हुये ;
सोचता है ;
हमें पूर्णता से समझने का ;
रसस्वादन करती रहो ;
अपनी दक्षता ;
इसी तरह बनाये रखो ;
और हम तुम्हारी इन्हीं ;
मानसिकताओं का लाभ उठाकर ;
तुम्हें छलते आये हैं ;
और छलते रहेंगे ;

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