"बचपन" [POETRY]

बचपन; 
जब हम सोचते थे, 
चाँद चलता है हमारे साथl 

बचपन; 
जब सारे फैसले, 
अक्कड़-बक्कड़-बम्बे-बो किया करता थाl 

बचपन; 
दरवाजे के पीछे किसी को, 
डराने के लिये छुपना, 
और उसके ना आने की खीजl 

बचपन; 
जब ख्याल रखना होता था, 
सिर्फ अपने बस्ते काl 

बचपन; 
वो ऑन-ऑफ बटन में, 
बेंलेंस बनाने की कोशिशl 

बचपन; 
वो शाम की कट्टी, 
और सुबह की मिठ्ठीl 

बचपन; 
अमिताभ की याद में हवाई फाइट, 
ढिसुम की आवाज के साथ, 
ठाँय-ठाँय फायरिंगl 

बचपन; 
लुका-छिपी चंगे-अष्टे विष-अमृत, 
गाय का उड़नाl 

बचपन; 
संतरे की गोलियाँ, 
लाल-पीली कुल्फियाँ, 
वो कच्ची बेरियाँl 

बचपन; 
कमरे में घुसना, 
कुछ लेने के लिये, 
और भूल जानाl 

बचपन; 
हाथ कमीज में डालकर, 
टुंडे बनने का ढोंगl 

बचपन; 
वो टायर की, 
वन व्हीलर बग्गीl 

बचपन; 
वो मेरी सवारी का हाथी, 
बस उसकी याद बहुत है आतीl 

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