ARTICLE - समानता

आइये महिला पुरुष समानता पर कुछ चर्चा करें, कल्पना कीजिये, कोई महिला और पुरुष चौराहे पर खड़े हैं, जो दोनों ही आपके लिये पूर्णत: अंजान हैंl यदि पुरुष महिला को थप्पड़ मारता है, तो आप क्या करेंगे, निश्चित ही उस पुरुष का घोर विरोध करेंगे और आपका पुरुषत्व कुछ ज्यादा ही जाग गया, तो उसकी धुनाई भी कर सकते हैंl और यदि महिला पुरुष को थप्पड़ मारे तो, निश्चित ही आपकी ताली बजाने की इच्छा तो होगी ही, आप शाबाशी भी दे सकते हैं उसेl ये सब होगा असल मुद्दे को जाने बिनाl फिर कैसी महिला पुरुष समानता?

हर जगह 'लेडीस फर्स्ट', ट्रेन हो या बस, टिकिट की कतार हो या अन्य कोई कतार, हर जगहl और महिलायें इस 'लेडीस फर्स्ट' को अपना सम्मान समझती हैंl यह सम्मान नहीं अपमान हैl कोई खुद को पीछे कर किसी को आगे निकलने दे, तो इसका मतलब यह है कि, वो सामनेवाले को कमजोर साबित कर रहा हैl एक और बात, महिला आरक्षणl आरक्षण उसे ही दिया जाता है, जो कमजोर होता हैl तो फिर दो ही बातें हो सकती हैं, या तो अपने आप को बेचारा दिखाकर ये सुविधायें लेना बंद कीजिये, या फिर महिला पुरुष समानता की बातें बंद कीजियेl

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