COLLECTION : यात्रा POEM : पंख
उड़ते पंछी के,
पंख गिनने का,
प्रयास कर रहा हूँ,
कभी वो धीमा होता है,
तो कभी तेज,
कभी लहराता है,
कभी इतराता है,
अपने नेत्रोँ की,
झिलमिलाहट रोकने का,
प्रयास कर रहा हूँ,
उड़ते पंछी के,
पंख गिनने का,
प्रयास कर रहा हूँ,
वो उड़ रहा है,
खुले आकाश मेँ,
अपने साथी की तलाश मेँ,
शायद है वो किसी आस मेँ,
उसके धीमे होने का इंतज़ार,
कर रहा हूँ,
उड़ते पंछी के,
पंख गिनने का,
प्रयास कर रहा हूँ,
उसकी यात्रा,
अनंत सी है,
कभी बंधी,
तो कभी स्वतंत्र सी है,
उसे देख देख,
बस अब तो,
थक रहा हूँ,
उड़ते पंछी के,
पंख गिनने का,
प्रयास कर रहा हूँ.
पंख गिनने का,
प्रयास कर रहा हूँ,
कभी वो धीमा होता है,
तो कभी तेज,
कभी लहराता है,
कभी इतराता है,
अपने नेत्रोँ की,
झिलमिलाहट रोकने का,
प्रयास कर रहा हूँ,
उड़ते पंछी के,
पंख गिनने का,
प्रयास कर रहा हूँ,
वो उड़ रहा है,
खुले आकाश मेँ,
अपने साथी की तलाश मेँ,
शायद है वो किसी आस मेँ,
उसके धीमे होने का इंतज़ार,
कर रहा हूँ,
उड़ते पंछी के,
पंख गिनने का,
प्रयास कर रहा हूँ,
उसकी यात्रा,
अनंत सी है,
कभी बंधी,
तो कभी स्वतंत्र सी है,
उसे देख देख,
बस अब तो,
थक रहा हूँ,
उड़ते पंछी के,
पंख गिनने का,
प्रयास कर रहा हूँ.

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