COLLECTION - यात्रा POEM - दिल का दौरा

लो हो गया है,
दिल के दौरे का इंतजामl

सुबह उठता हूँ,
नाश्ते में फास्ट फुड खाता हूँ,
और निकल पड़ता हूँ,
धन यात्रा पर,
साँसों में जहरीला धुआँ खींचते हुये,
पहुँचता हूँ ऑफिस,
मन में अनंत दुविधायें हैं,
उलझे हुये हैं कई काम,
लो हो गया है,
दिल के दौरे का इंतजामl

बच्चों को बोर्डिंग में,
और माँ बाप को वृद्धाश्रम में,
स्थापित कर दिया है,
पैसा बनाने की मशीन बन गया हूँ,
मुस्कुराहटें भी खत्म हो गई हैं तमाम,
लो हो गया है,
दिल के दौरे का इंतजामl

पत्नी की दिनचर्या भी मेरे समान है,
आखिर अर्द्धांगिनी जो है मेरी,
बिना मंजिल की यात्रा कर रहा हूँ,
क्या चाहता हूँ क्या नहीं,
खुद को नहीं मालूम,
तनाव है,
खाना जहरीला है,
वातावरण में मौत के कीटाणु तैरते हैं,
धूम्रपान और शराब भी हैं,
फिर भी नहीं रुकूँगा,
करने हैं बहुत काम,
लो हो गया है,
दिल के दौरे का इंतजामl

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